Saturday, April 23, 2016

माँ अग्नेरी देवी मेला चौखुटिया 2016

देवभूमि उत्तराखंड के पावन धरती में बसा है रंगीलो गेवाड़, इसी पावन धरती में माँ अग्नेरी देवी का प्राचीन मंदिर जहाँ कई वषों पुराना यह चैत्राष्टमी का मेला होते आ रहा है| अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण हेतु माँ अग्नेरी के दरबार में आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु सपरिवार देश विदेश से लोग यहाँ पहुंचते हैं| ऐसा लोगों का कहना है कि इस वर्ष माँ के दरवार में आने वाले भक्तों ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

इस चैत्राष्टमी के पावन मेले में समस्त गेवाड़घाटी का जो अभूतपूर्व सहयोग व स्नेह मेला समिति को मिला वह अविस्मरणीय व काबिलेतारीफ है। माँ अगनेरी देवी की असीम कृपा, तथा क्षेत्रीय जनता का अपार स्नेह व सहयोग के फलस्वरुप चैत्राष्टमी मेला अभूतपूर्व, एतिहासिक, शान्तिपूर्ण व सौहार्द पुर्वक सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक मेले में राजनितिक परिदृश्य से दूर रहकर सभी पार्टियों के स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी माँ अग्नेरी देवी के इस पावन मेले में बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया।

मैं समस्त क्षेत्रीय जनता व मेला समिति के अध्यक्ष एवं मेला समिति सम्मानित सदस्यों एवं स्थानीय जनता का हृदय की गहराईयों से आभार प्रकट करता हूँ तथा माँ के दर्शन करने आये सभी भक्तों का भी हार्दिक धन्यवाद करता हूँ और माँ अगनेरी देवी से प्रार्थना करता हूँ कि अपने सभी भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि व आशीर्वाद बनाये रखना।

मेले की सफलता के साथ माँ अगनेरी के डोले की एतिहासिक नींव पड़ गयी जिसका श्रेय आप सभी माँ के भक्तों को जाता है। इस पावन मेले में उत्तराखंड संस्कृति के गीत, नृत्य एवं माँ के भजनों की सुंदर प्रस्तुति स्थानीय एवं उत्तराखंड के प्रशिद्ध लोकगायक कलाकारों द्वारा दी गई, जिसमें नैन नाथ रावल जी, शिवदत्त पंत जी, बिशन हरियाला जी, गोपाल मठपाल जी, बसंती बिष्ट जी, भुवन गोस्वामी जी, रमेश बाबु गोस्वामी जी, कृष जोशी जी, दीपा पंत जी, आशा नेगी जी, रेशमा शाह जी, ललित मोहन धौलाखंडी जी व हेमा रावत जी द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गई । तथा उत्तराखंड के प्रशिद्ध संगीतकार मोती शाह जी, गौरव पन्त जी, विनोद कुमार जी ने अपने मधुर संगीत से सबका मन मोह लिया।

हमारे पत्रकार बंधू एवं मीडिया जगत के सभी महानुभावों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने मेले को कवर कर के जन जन तक तथा देश विदेशों तक पहुचाने का सराहनीय कार्य किया। साथ ही आभार व्यक्त करता हूँ अपने पुलिस एवं प्रशासन का जिनके सहयोग से यह पावन मेला शांतिपूर्वक संपन्न हुआ तथा मैं उन सभी भक्तजनों का भी आभार प्रकट करता हूँ जिन्होंने माँ के इस पावन मंदिर के जीर्णोधार हेतु अपने तन मन तथा धन से सहयोग किया है और निकट भविष्य में भी अपना अमूल्य योगदान मंदिर समिति को निश्वार्थ करते रहेंगे।

जय माँ अग्नेरी देवी, जय देव भूमि उत्तराखंड, जय भारत।
















































































































































































































































1 comment:

  1. मुझे यह जानकर प्रसन्‍नता है कि आप सभी के अथक प्रयासों से हमारी प्राचीन संस्‍क़ति धरोहर की जानकारी एवं इसे आगे बढाने में आप सभी लोगों ने महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा की है, मेले की सफल आयोजन के लिए आप सभी लोगों को मैं शुभ्‍ा कामनाएें प्रषित करता हॅू एवं मां की आसीम क़पा आप एवं समस्‍त गूवाड वासीयों पर बनी रहे - जगबीर सिंह मनराल, जयपुर, राजस्‍थान

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